नई दिल्ली। पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इधर, पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान करीब 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। हालांकि कुल वोटर्स की फाइल संख्या का ऐलान अभी नहीं हुआ है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे।
अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में एसआईआर कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। एसआईआर के पहले फेज में बिहार में एसआईआर कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोडक़र बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है।
देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा।
बंगाल में एसआईआर के बाद 90.83 लाख नाम हटे
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है। आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, एसआईआर शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढक़र करीब 90.83 लाख हो गई है।
चुनाव आयोग ने कहा- चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा
चुनाव आयोग ने कहा- चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा