चाकसू उप जिला अस्पताल में धूल फांक रही सोनोग्राफी मशीन, दो साल से बंद सुविधा से मरीज परेशान

चाकसू उप जिला अस्पताल में धूल फांक रही सोनोग्राफी मशीन, दो साल से बंद सुविधा से मरीज परेशान

चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)।  उपखण्ड क्षेत्र के सबसे बड़े चाकसू उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन होने के बावजूद पिछले करीब दो वर्षों से यह सुविधा बंद पड़ी है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अस्पताल में मशीन और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होने के बावजूद तकनीकी कारणों से सोनोग्राफी नहीं हो पा रही है।जानकारी के अनुसार चाकसू उप जिला अस्पताल में एक सोनोलॉजिस्ट सहित तीन गायनोलॉजिस्ट चिकित्सक कार्यरत हैं। इसके बावजूद मरीजों को सोनोग्राफी जांच के लिए निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगी दरों पर जांच करानी पड़ती है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को इससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन लंबे समय से मशीन बंद रहने के कारण लोगों का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन सोनोग्राफी सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें मजबूरन निजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है।इस संबंध में अस्पताल के पीएमओ डॉ. रितुराज मीणा ने बताया कि अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट चिकित्सक उपलब्ध है, लेकिन उन्हें अभी तक आवश्यक सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है। बिना सर्टिफिकेट के पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सोनोलॉजिस्ट का पंजीकरण नहीं हो सकता, जिसके चलते सोनोग्राफी सेवा शुरू नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सोनोलॉजिस्ट को अधिकृत रूप से कार्य करने की अनुमति मिलेगी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए। साथ ही यह भी बताया गया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गाइनोलॉजिस्ट चिकित्सकों के माध्यम से सोनोग्राफी सुविधा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। 

22 hours, 20 minutes ago जयपुर आसपास